मेरी हर खुशी हर बात तेरी है,

साँसों में बसी महेक तेरी है,

दो पल भी नहीं रह सकते तेरे बिना,

धड़कनों से निकलती हर आवाज तेरी है।

बड़ी मुद्दत्त से चाहा है तुझे,

बड़ी दुवाओं से पाया है तुझे,

तुझे भूलने को सोचूँ भी तो कैसे,

किस्मत की लकीरों से चुराया है तुझे।

दिल की यादों में सवारूँ तुझे

तू दिखे तो आँखों में उतारूँ तुझे

तेरे नाम को लबों पर ऐसा सजाऊँ

सो जाउँ तो ख्वाबों में पुकारूँ तुझे।

आपकी बातों पर हमें एतबार क्यों है,

जिया आपसे मिलने को बेकरार क्यों है

ज़िन्दगी के दिन कुल चार क्यों हैं

प्यार तुमसे किया तो हम गुनहगार क्यों हैं।