पी के रात को हम

पी के रात को हम उनको भुलाने लगे;
शराब मे ग़म को मिलाने लगे;
ये शराब भी बेवफा निकली यारो;
नशे मे तो वो और भी याद आने लगे।

दोस्तों प्यार में जब ना किसी को ,धोखा मिलता है तो उसे कुछ समझ नहीं आता ,हर वक्त अपने प्यार के ख्यालो में खोया रहता है ,दुनिया की उसे कोई शुद हि नहीं रहता है ,हर वक्त उसी की यादो में तडपता रहता ,दोस्तों प्यार में बेवफाई का दर्द कैसा होता है ,ये तो पता हि होगा ,आप लोगो ने भी कभी ना कभी किसी से प्यार किया हि होगा ,खुश किस्मत होंगे जो जिन्हें ,बेवफाई का दर्द ,का जहर पीना ना पड़े हो ,लेकिन उन से पूछो की ,जब कोई प्यार का हसीन खवाब दिखा कर चली जाती है तो कैसा लगता है ,ऐसा लगता है जैसे ,जिन्दगी ख़त्म हि हो जाती है ,वो आशिक दर दर भटकता रहता है ,तो इसी गम को भुलाने के लिये ,माय खाने का रास्ता ,दिखाई देता है ,शराब के दुकान में जा कर ,अपने गम को भुलाने के लिए शराब पीता है,लेकिन दोस्तों शराब से मोहब्बत के गम को ,नहीं मिटाया जा सकता है ,मोहब्बत के गम में आशिक इतना डूब जता है की ,जिस दर्द को भुलाने के लिए शर्ब पीते है ,उसकी बेवफाई की और भी रुलाती लगती है ऐसा होता है दोस्तों ,मोहब्बत का दर्द ऐसा होता है ,की इंसान जीते हुए भी एक मुर्दा के सामान होता है .