मोहब्बत एक गुनाह है

मोहब्बत एक गुनाह है जिसकी कोई सजा नहीं होती,
मोहब्बत एक बुखार है जिसकी कोई दवा नहीं होती,
इस मोहब्बत को बयाँ करना शायद हमारे बस मे नहीं,
पर बगैर मोहब्बत ये दुनिया, दुनिया नहीं होती।