जिस मोहब्बत के सफर मे जुदाई नहीं

जिस मोहब्बत के सफर मे जुदाई नहीं,
उस मोहब्बत की मंजिल पर पहुँचना फिजूल है,
लेने वाले का दिल भी जानता है की जो उसे मिला,
वो गुलाब किसी का प्यार है या मामूली फूल है ।