जिन जख्मो से खून नहीं निकलता

जिन जख्मो से खून नहीं निकलता समझ लेना,
वो ज़ख्म किसी अपने ने ही दिया है।

दोस्तों हम अपनों में ऐसा खो जाते है की ,उनकी शिवा हमें कुछ दिखयी नहीं देती ,और करे भी क्यों नहीं ,क्युकी जो कुछ भी हम करते है,अपनों की ख़ुशी के लिये करते है ,उनकी खुशियों में हि हमारे ख़ुशी छुपी होती है , उनको खुश देख कर हम हमें खुशी मिलती है , चाहे वो प्यार हो भाई को माँ पापा हो ,या परिवार का कोई आदमी ,लेकिन जब अपने हि अंदर हि अंदर ,उन्हें जलन ,आपको पसंद करते है और सिर्फ दिखवा करते है ,बहोत दर्द होता है ,जैसे एक लड़की थी। बहुत ही खूबसूरत। जितनी वह सुंदर थी, उतनी ही ईमानदार। न किसी से झूठ बोलना, न किसी से फालतू की बातें करना।बसअपने कामसे काम रखना।”उसी क्लास में एक लड़का था। वह मन ही मन उससे बहुत प्यार करता था। लड़का अक्सर उसके छोटे-मोटे काम कर दिया करता था।बदले में जब लड़की मुस्करा कर थैंक्यू कहती थी, तो लड़के कीखुशी की सीमा नहीं रहती थी।एक बार की बात है। दोनों लोग साथ-साथ घर जारहे थे। तभी जोरदार बारिश होने लगी। दोनों को एकपेड़ के नीचे रुकना पडा पेड़ बहुत छोटा था,बारीस की बुन्दे छन-छनकर उससे नीचे आ रही थीं। ऐसे में बारिश से बचने के लिए दोनों एक दूसरे के बेहद करीबआ गये।लड़की को इतने करीब पाकर लड़का अपने जज्बातों पर काबू न रख सका। उसकेलड़की कोप्रजोज कर दिया। लड़की भी मन ही मनउसको चाहती थी।इसलिए वह भी राजी हो गयी। औरइस तरहदोनों का प्यार परवान चढ़ने लगा। एक बार की बात है लड़की उसी पेड़ ने नीचे लड़केका इंतजार कर रही थी। लड़का बहुत देर सेआया।उसे देखकर लड़की नाराजगी से बोली,’तुम इतनीदेर से क्यों आए? मेरी तो जान ही निकलगयी थी।’यह सुनकर लडका बोला, ‘जानेमन, मैं तुमसेदूरकहां गया था, मैं तो तुम्हारे दिल में हीरहता हूं।तुम्हें यकीन न हो तो अपने दिन से पूछ लो।’लड़केकी इस प्यारी सी बात को सुनकर लङकी अपना सारा गुस्सा भुल गयी और वह दौड़ कर लड़के सेलिपट गयी।एक दिन दोनों लोग उसी पेड़ के नीचे बैठेबातें कररहे थें। लड़की पेड़ के सहारे बैठी थी और लड़का उसकी गोद में सर रख कर लेटा हुआ था।तभी लड़की बोली, ”जानू, अब तुम्हारी जुदाई मुझसे बर्दाश्त नहीं होती।

तुम्हारे बिना एकपल भी मुझे 100 साल के बराबर लगता है। तुम मुझसे शादी कर लो, नहीं तो मैं मर जाऊंगी।”लडके ने झट से लड़की के मुंह पर अपना हाथ रख दिया और बोला, ”मेरी जान, ऐसी बातमत कियाकरो, अगर तुम्हें कुछ हो गया, तो मैं कैसे  जिंदा रहूंगा।” फिर वह कुछ सोचता हुआ बोला,”तुमचिंता मत करो, मैं जल्द ही अपने घर वालों से बातकरूंगा।”धीरे-धीरे काफी समय बीत गया। एक दिन की बातहै। दोनों लोग उसी पेड़ के नीचे बैठे हुए थे।उससमय लड़के का चेहरा उतरा हुआ था। लड़की के पूछने पर वह रूआंसा होकर बोला, ”जान,मैंने अपनेघर वालों को बहुत समझाया, पर वे हमारी शादी केलिए तैयार नहीं हैं।

उन्होंने मेरी शादी कहीं और पक्की कर दी है”यह सुन कर लड़की का कलेजा फट पड़ा।उसका मन हुआ कि वह जोर-जोर से रोए” लेकिन उसने अपने जज्बात पर काबू पा लिये औरबोली, ”मैंने तुमसे सच्चा प्यार किया है, मैं तुम्हें कभी भुला नहीं सकती।””प्लीज मुझे माफ कर देना..!” लड़का धीरेसे बाेला,वैसे अगर तुम चाहो, तोअब से हम एक अच्छे दोस्त रह सकते हैं।”लडकी यह सुन कर ज़ो-ज़ोर से रोने लगी”लड़के ने उसे समझाया और फिर दोनों लोग रोते हुए अपने-अपने घर चले गये।देखते ही देखते लड़के की शादी का दिन आगया।लड़के को यकीन था कि उसकी शादी में उसकी दोस्त जरूर आएगी। पर ऐसा नहीं हुआ।

हां,लड़की का भेजा हुआ एक गिफ्ट पैक उसे ज़रूरमिला।लड़के ने कांपते हांथों से उसे खोला। उसे देखते हीवह बेहोश हो गया।गिफ्ट पैक में और कुछ नहीं खून से लथपथलड़कीका दिल रखा हुआ था। और साथ ही में थी एकचिट्ठी, जिसमें लिखा हुआ था- अरेपागल, अपनादिल तो लेते जा वरना अपनी पत्नी को क्या देगा दोस्तो हमारी जिन्दगी का सबसे खुबसुरत एहसास प्यार ही है जो हमको आपको हर किसी को होता है पर क्या हम उसकोअपना पाते हैं कभी हम गलत तो कभी साथी गलत दोनो सही तो घरवाले गलत पर क्या प्यार गलत होता है नही”तो”मित्रों प्यार करो लेकिन खिलवाङ मत करो |

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