दिल की आरज़ू तो बस

दिल की आरज़ू तो बस यही है मेरे सनम,
तेरे दिल में हम रहें मेरे दिल में तुम,
तेरा हाथ हाथ में लेकर चलते रहें यूँही,
यह ज़िन्दगी भी तेरे साथ जीने को पड़े काम।

दोस्तों एक आशिक पागल की तरह होता है,उसे प्यार के सिवा कुछ दिखाई नहीं देता है उन्ही के ख्याल में डूबा रहना आच्छा लगता है ,हम जब किसी से प्यार करते है ना दोस्तों तो अपने प्यार की सिवा कुछ दिखाई नहीं देता है ,पाने प्यार के बारे में हि बात करना अच्छा लगता है।

दिल करता है दिन और उससे के सामने बैठा रहू ,उसकी उलझी लटो को सुलझता रहूँ ,मीठी मीठी बातें करता हु रहूँ ,मोहब्बत की भी मीठी तडप होती है ना हर वक्त उसी के ख्यालो में डूबे रहो ,खट्टी मीठी झगडे करते हो ,कभी वो रूठेगी तो कभी तुम रूठो ,और जब अलग अलग होते है तो तन्हाई के आशुं बहाव ,लेकिन दर्द और तन्हाई के बाद मिलन के दिन आते है ना तो ख़ुशी का तो ठिकाना हि नहीं रहता है ना दोस्तों.

बस हमारी जिन्दगी उसी के प्यार में सिमट जाती है हमारी आरजू हमारी खवाहिसे उसी के लिये होते है ,बस म्द्दं में यही डर लगा रहता ,की कही हम अलग ना हो जाये ,,और ना हि कभी ये न्व्बाद आये ,,बस खवाहिसे रहती है वो मेरे दिल ,में रहे मै उसके दिल में रहूँ ,बस हाथ पड़कर जिन्दगी हसीन पल तेरे साथ हि गुजर जाये ,और मर कर भी हमारा प्यार कभी ख़त्म ना हो….