बहु नहीं कहूँगा तू मेरे घर की बेटी है,

बहु नहीं कहूँगा तू मेरे घर की बेटी है,
इस घर की सारी खुशियां तुमने समेटी है,
आपके आने से खुशियों का आसमान बरसा,
सबको खुशिया देकर सारे गम ले लेती है.