आबाद था एक उम्र से

आबाद था एक उम्र से,अब ये वीरान हो गया,
जागती है मेरी आँखें पर ये दिल सो गया,
उस की कश्ती पार हो, दे राहा है दिल दुआ,
फिर है क्या जो वो, मुझे आँसुवों में डुबो गया।